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  • तीन प्रकार की जप-माला - रुद्राक्ष, तुलसी और स्फटिक - एक लाल वस्त्र पर एक साथ सजी हुई
    मंत्र और प्रेरणा

    जप-माला का पूरा गाइड – रुद्राक्ष, तुलसी, स्फटिक और आपके देवता के लिए कौन सी?

    ByAbhishek K जून 12, 2026जून 12, 2026

    जप-माला की दुकान में खड़े होकर अगर एक सवाल सबसे ज़्यादा परेशान करता है, तो वह यह है: इनमें से मेरे लिए कौन सी? रुद्राक्ष, तुलसी, स्फटिक, चंदन – हर माला अलग दिखती है, अलग महसूस होती है। और ज़्यादातर लोग बिना किसी ठोस कारण के एक उठा लेते हैं। लेकिन हर माला का एक…

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  • एक पारदर्शी स्फटिक माला पीले गेंदे के फूलों पर, सुनहरी दीये की रोशनी में, शांत भक्तिमय वातावरण
    मंत्र और प्रेरणा

    लक्ष्मी-सरस्वती के जप के लिए कौन सी माला? स्फटिक का जवाब और तुलसी की सीमा

    ByAbhishek K जून 12, 2026जून 12, 2026

    जप की दुकान पर जाएं, तो दो माला सबसे पहले दिखती हैं – रुद्राक्ष और तुलसी। ज़्यादातर लोग इन्हीं में से एक उठा लेते हैं। लेकिन अगर आप लक्ष्मी या सरस्वती का नाम जपते हैं, तो दोनों से अलग एक तीसरी माला है जिसकी बात शास्त्र करते हैं – स्फटिक। स्फटिक माला न रुद्राक्ष जितनी…

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  • एक भक्त के हाथ में तुलसी माला, ध्यानमग्न मुद्रा में, शांत प्रकाश में
    मंत्र और प्रेरणा

    ओं नमो नारायणाय: वह मंत्र जो आठ अक्षरों में समूचे ब्रह्मांड को समेटता है

    ByAbhishek K जून 11, 2026जून 11, 2026

    अगर आपने ओं नमः शिवाय के बारे में सुना है, तो आपने विष्णु का अष्टाक्षर मंत्र शायद उतनी गहराई से नहीं जाना। पंचाक्षर चर्चित है; अष्टाक्षर उससे कम चर्चित – पर उतना ही पुराना, उतना ही शक्तिशाली। ओं नमो नारायणाय” – आठ अक्षर, विष्णु-परंपरा का मूल मंत्र। वैष्णव ग्रंथों में इसे “अष्टाक्षर महामंत्र” कहा गया…

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  • पीरियड्स के दिनों में घर में बैठकर मन ही मन प्रार्थना करती एक स्त्री, शांत और आस्थावान
    मंत्र और प्रेरणा

    पीरियड्स में पूजा-पाठ की पूरी गाइड – क्या करें, क्या न करें, क्या हमेशा खुला है

    ByAbhishek K जून 11, 2026जून 12, 2026

    हर महीने वही सवाल आता है – क्या मैं आज पूजा कर सकती हूँ? क्या आज मंदिर जाना ठीक है? नाम जप चल सकता है? तुलसी को छू सकती हूँ? व्रत जारी रखूँ या छोड़ूँ? यह गाइड इन सभी सवालों का एक ही जगह जवाब देने के लिए लिखी गई है। परंपरा क्या कहती है,…

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  • माहवारी के दिनों में मन ही मन जप करती एक स्त्री, हाथ जोड़े, शांत प्रकाश में
    मंत्र और प्रेरणा

    पीरियड्स में 3 दिन या 5 दिन? यह गलतफहमी ज़्यादातर घरों में है

    ByAbhishek K जून 11, 2026जून 11, 2026

    एक घर में माँ कहती हैं – “तीन दिन पूजा नहीं।” दूसरे घर में दादी कहती हैं – “पाँच दिन से पहले रसोई में मत जाना।” और बेटी सोचती रहती है कि सच क्या है – 3 दिन या 5? यह भ्रम लगभग हर हिंदू घर में है। और इसका जवाब उतना सीधा नहीं जितना…

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  • bina mala ke naam jap kaise kare
    मंत्र और प्रेरणा

    बिना माला के नाम जप कैसे करें? सबसे ऊँचा तरीका तो माला माँगता ही नहीं

    ByAbhishek K जून 10, 2026जून 10, 2026

    सुबह जप करने बैठे और याद आया – माला तो कहीं रखकर भूल गए। या नई माला अभी आई नहीं, या यात्रा में हैं और माला साथ नहीं। बहुत से लोग यहीं रुक जाते हैं – “माला नहीं है तो आज जप नहीं होगा।” यही सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है। सच तो यह है कि जप…

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  • नवरात्रि के दीप और कलश के सामने मन से प्रार्थना करने का प्रतीकात्मक दृश्य
    त्योहार और व्रत

    नवरात्रि के बीच पीरियड्स आ जाएं – क्या व्रत-पूजा बंद करें?

    ByAbhishek K जून 10, 2026जून 10, 2026

    नवरात्रि का पाँचवाँ दिन है। सुबह से उपवास चल रहा है, माँ का जाप चल रहा है, घर में धूप की खुशबू और माहौल में एक अलग ही ऊर्जा है। और उसी दिन – या शायद तीसरे या सातवें दिन – पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। मन में एक घबराहट उठती है: “अब क्या? व्रत…

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  • व्रत की थाली में फल और जलता दीपक - मासिक धर्म में व्रत के सवाल का प्रतीक
    मंत्र और प्रेरणा

    क्या पीरियड्स में व्रत रख सकते हैं? मन और शरीर – दोनों का जवाब

    ByAbhishek K जून 10, 2026जून 12, 2026

    हर महीने, हर एकादशी के आस-पास, एक सवाल मन में आता है। या सोमवार के व्रत का दिन, या नवरात्रि के किसी दिन। “आज पीरियड्स शुरू हो गए – व्रत का क्या? रखूं या न रखूं?” इस सवाल का जवाब हर बार अनिश्चित-सा रहता है, क्योंकि किसी ने ठीक से कभी समझाया नहीं। इस लेख…

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  • तुलसी के पौधे के पास जलता दीपक - मासिक धर्म में तुलसी पूजा के सवाल का प्रतीक
    मंत्र और प्रेरणा

    पीरियड्स में तुलसी को छू सकते हैं? वृंदा माता की कहानी समझ लें

    ByAbhishek K जून 10, 2026जून 13, 2026

    हर सुबह की शुरुआत तुलसी से होती है। उठते ही लोटा भरना, आँगन के उस छोटे से गमले के पास जाना, जल देना, हाथ जोड़ना, एक पत्ता प्रसाद के लिए तोड़ना – यह दिनचर्या इतनी गहरी जड़ें जमा चुकी होती है कि बिना किए दिन अधूरा लगता है। फिर एक दिन माँ या दादी की…

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  • मंदिर के द्वार के बाहर दीप की रोशनी - मासिक धर्म में मंदिर जाने के सवाल का प्रतीक
    मंत्र और प्रेरणा

    पीरियड्स में मंदिर क्यों नहीं जाते? असली वजह कम लोग जानते हैं

    ByAbhishek K जून 9, 2026जून 12, 2026

    त्योहार का दिन है। पूरा परिवार नहा-धोकर, नए कपड़े पहनकर मंदिर की ओर चल पड़ा है। और वह एक कोने में रुक जाती है – “तुम रुक जाओ, इन दिनों मंदिर नहीं।” बाकी सब भीतर चले जाते हैं, और वह बाहर खड़ी, थोड़ी अकेली, थोड़ी आहत, मन ही मन सोचती है – “क्या भगवान ने…

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