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  • तुलसी के पौधे के पास जलता दीपक - मासिक धर्म में तुलसी पूजा के सवाल का प्रतीक
    मंत्र और प्रेरणा

    पीरियड्स में तुलसी को छू सकते हैं? वृंदा माता की कहानी समझ लें

    ByAbhishek K जून 10, 2026जून 15, 2026

    हर सुबह की शुरुआत तुलसी से होती है। उठते ही लोटा भरना, आँगन के उस छोटे से गमले के पास जाना, जल देना, हाथ जोड़ना, एक पत्ता प्रसाद के लिए तोड़ना – यह दिनचर्या इतनी गहरी जड़ें जमा चुकी होती है कि बिना किए दिन अधूरा लगता है। फिर एक दिन माँ या दादी की…

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  • मंदिर के द्वार के बाहर दीप की रोशनी - मासिक धर्म में मंदिर जाने के सवाल का प्रतीक
    मंत्र और प्रेरणा

    पीरियड्स में मंदिर क्यों नहीं जाते? असली वजह कम लोग जानते हैं

    ByAbhishek K जून 9, 2026जून 15, 2026

    त्योहार का दिन है। पूरा परिवार नहा-धोकर, नए कपड़े पहनकर मंदिर की ओर चल पड़ा है। और वह एक कोने में रुक जाती है – “तुम रुक जाओ, इन दिनों मंदिर नहीं।” बाकी सब भीतर चले जाते हैं, और वह बाहर खड़ी, थोड़ी अकेली, थोड़ी आहत, मन ही मन सोचती है – “क्या भगवान ने…

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  • घर के मंदिर में जलता दीया और ताज़े फूल - मासिक धर्म में पूजा के नियमों का प्रतीक
    मंत्र और प्रेरणा

    क्या पीरियड्स में पूजा-आरती कर सकते हैं? असली सच्चाई

    ByAbhishek K जून 9, 2026जून 15, 2026

    हर महीने वही पल आता है। घर के मंदिर के सामने पैर ठिठक जाते हैं। हाथ दीये की ओर बढ़ता है और फिर रुक जाता है। मन में एक ही सवाल – “इन दिनों पूजा करूँ या नहीं? कहीं कुछ गलत तो नहीं हो जाएगा?” करोड़ों स्त्रियाँ यह सवाल चुपचाप अपने भीतर लिए घूमती हैं,…

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  • त्रिकाल संध्या में गायत्री मंत्र का जप करते भक्त
    मंत्र और प्रेरणा

    गायत्री मंत्र: सुबह-दोपहर-शाम 108 बार जपने का असली कारण

    ByAbhishek K जून 9, 2026जून 15, 2026

    सूरज उगने से पहले जब आकाश में नारंगी रंग फैलने लगता है – और फिर दोपहर जब सूरज ठीक शीर्ष पर होता है – और शाम जब रोशनी धीरे-धीरे विदा लेती है: ये तीनों क्षण हिंदू परंपरा में “संधि समय” कहलाते हैं। दिन और रात का संधि-स्थल। और गायत्री मंत्र इन्हीं तीनों संधियों का मंत्र…

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  • रुद्राक्ष की माला से ॐ नमः शिवाय का जप करते शिवभक्त
    मंत्र और प्रेरणा

    ॐ नमः शिवाय जप: रुद्राक्ष क्यों, तुलसी क्यों नहीं?

    ByAbhishek K जून 9, 2026जून 15, 2026

    नाम जप शुरू करने वाले ज़्यादातर लोग एक ही गलती करते हैं: शिव जप के लिए तुलसी माला उठा लेते हैं। आखिर तुलसी तो पवित्र है – तो क्या गलत? गलत यह है कि तुलसी विष्णु और उनके परिवार की है: कृष्ण, राम, हनुमान। शिव का मन दूसरी माला में बसता है। अगर आप ॐ…

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  • हरे कृष्ण महामंत्र का जप करते कृष्णभक्त
    मंत्र और प्रेरणा

    हरे कृष्ण महामंत्र: 16 शब्द जो कलियुग मिटा दें

    ByAbhishek K जून 8, 2026जून 15, 2026

    ब्रह्मा के पास जब नारद एक प्रश्न लेकर आए – “इस कलियुग में कौन सा एक उपाय है जिससे मनुष्य संसार के बंधन से मुक्त हो सके?” – तो ब्रह्मा ने जवाब में एक मंत्र दिया। सोलह शब्दों का। बिना किसी नियम के। बिना किसी पात्रता-शर्त के। यह संवाद कलि-संतरण उपनिषद में है – वैष्णव…

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  • श्री राम के नाम का जप करते श्रद्धालु
    मंत्र और प्रेरणा

    राम नाम: जिसने भगवान राम से भी ज्यादा लोगों को तारा

    ByAbhishek K जून 8, 2026जून 15, 2026

    एक सवाल सोचिए: भगवान राम ने अपने पूरे जीवनकाल में कितने लोगों को सीधे तारा? ऋषि-पत्नी अहिल्या का उद्धार – यही सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है। लेकिन तुलसीदास रामचरितमानस में एक चौंकाने वाली तुलना करते हैं। राम एक तापस तिय तारी। नाम कोटि खल कुमति सुधारी॥ अर्थ: राम ने एक तपस्विनी (अहिल्या) का उद्धार किया –…

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  • जप में मन की एकाग्रता पाने का प्रयास करता साधक
    मंत्र और प्रेरणा

    जप में मन भटके तो क्या करें? संतों का सिद्ध उपाय

    ByAbhishek K जून 8, 2026जून 15, 2026

    जप शुरू किया, माला उठाई, पहले तीन मनके घुमाए – और मन पहुँच गया कल की उस मीटिंग पर जो अधूरी रह गई थी। यह आपके साथ ही नहीं होता। अर्जुन ने भगवान कृष्ण से ठीक यही बात कही थी: मन बड़ा चंचल है, प्रमाथन करने वाला, बलवान और दृढ़ (भगवद गीता 6.34)। कृष्ण ने…

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  • कॉपी में राम नाम लिखकर लिखित जप करते हुए
    मंत्र और प्रेरणा

    लिखित जप: कलियुग का सबसे सरल साधन

    ByAbhishek K जून 6, 2026जून 15, 2026

    आज तक आपने नाम जपा है – पर कभी लिखा है? तुलसीदास के काल से चली आ रही एक परंपरा है जिसमें भक्त अपने जीवनकाल में लाखों, यहाँ तक कि करोड़ों बार “राम” लिखते हैं। इन नोटबुक्स को “राम नाम बही” कहते हैं, और वृंदावन में ऐसी हजारों बहियों का संग्रह आज भी सुरक्षित है।…

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  • अजपा जप में स्वतः चलता नाम स्मरण
    मंत्र और प्रेरणा

    अजपा जप: जब नाम अपने आप चलने लगे

    ByAbhishek K जून 6, 2026जून 15, 2026

    कभी आधी रात नींद टूटे और होंठों पर नाम हो – जपने की कोशिश नहीं की थी, फिर भी नाम था। या दिनभर काम करते हुए मन के किसी कोने में राम, राम, राम चलता रहे। यह अनुभव जिन्हें हुआ है, वे जानते हैं कि यह सामान्य जप से बिल्कुल अलग है। इसे संत परंपरा…

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