Skip to content

Devta App

  • होम
  • परिचय
  • गोपनीयता नीति
Devta App
  • गायत्री मंत्र का जप करती महिला
    मंत्र और प्रेरणा

    क्या महिलाएं गायत्री मंत्र जप कर सकती हैं? दोनों पक्षों की सच्चाई

    ByAbhishek K जून 5, 2026जुलाई 23, 2026

    यह प्रश्न पिछले कई दशकों में लाखों घरों में उठा है। एक तरफ शास्त्र की परंपरा है, दूसरी तरफ भक्ति की उदार धारा। दोनों को ध्यान से सुनना ज़रूरी है – क्योंकि दोनों में सच्चाई का एक-एक हिस्सा है। शास्त्रीय दृष्टिकोण: परंपरागत मत क्या कहता है कुछ शास्त्रीय ग्रंथों और परंपराओं में गायत्री उपासना को…

    Read More क्या महिलाएं गायत्री मंत्र जप कर सकती हैं? दोनों पक्षों की सच्चाईContinue

  • रोज़मर्रा के जीवन में मन ही मन नाम स्मरण
    मंत्र और प्रेरणा

    क्या मन ही मन हर जगह भगवान का नाम ले सकते हैं? संतों का जवाब

    ByAbhishek K जून 5, 2026जुलाई 27, 2026

    संत कबीर ने गलियों में कपड़ा बुना और नाम जपते रहे। संत तुकाराम खेत में काम करते हुए विट्ठल-नाम में डूबे रहते थे। संत नरसी मेहता बाज़ार में, चौपाल में, हर जगह नाम लेते थे – और उन्होंने कभी नहीं पूछा: “क्या यहाँ नाम लेना ठीक है?” यह प्रश्न उनके मन में आया ही नहीं।…

    Read More क्या मन ही मन हर जगह भगवान का नाम ले सकते हैं? संतों का जवाबContinue

  • भोजन के बाद नाम जप के नियम
    मंत्र और प्रेरणा

    खाना खाकर या जूठे मुँह नाम जप कर सकते हैं? असली नियम क्या है

    ByAbhishek K जून 5, 2026जुलाई 23, 2026

    हाँ, खाना खाने के बाद भी नाम जप किया जा सकता है। जूठे मुँह की शुचिता का नियम माला और औपचारिक पूजा के लिए है, नाम के मानसिक स्मरण के लिए नहीं। भोजन के बाद कुल्ला या आचमन करके माला से जप करें; पर मन ही मन भगवान का नाम हर पल, हर स्थिति में…

    Read More खाना खाकर या जूठे मुँह नाम जप कर सकते हैं? असली नियम क्या हैContinue

  • गर्भावस्था में नाम जप करती गर्भवती स्त्री
    मंत्र और प्रेरणा

    गर्भावस्था में नाम जप: कौन सा मंत्र, कैसे करें

    ByAbhishek K जून 4, 2026जुलाई 23, 2026

    यह लेख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जानकारी है – चिकित्सकीय सलाह नहीं। किसी भी शारीरिक प्रश्न के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। भारतीय परंपरा में गर्भावस्था के नौ महीने गर्भ संस्कार का सबसे पवित्र समय माने गए हैं। यह वह समय है जब माँ की भावनाएं, विचार और साधना सीधे नए जीवन को प्रभावित…

    Read More गर्भावस्था में नाम जप: कौन सा मंत्र, कैसे करेंContinue

  • सूतक काल में नाम जप कर सकते हैं या नहीं
    मंत्र और प्रेरणा

    सूतक (मृत्यु/जन्म) में नाम जप कर सकते हैं?

    ByAbhishek K जून 4, 2026जुलाई 23, 2026

    घर में किसी प्रिय का निधन हो जाए। शोक है, आँसू हैं, और घर में सूतक चल रहा है। पूजा बंद है। पर मन बार-बार भगवान की तरफ जाता है – उस समय जब उनकी सबसे ज़्यादा जरूरत है। क्या ऐसे में भगवान का नाम लेना बंद कर देना चाहिए? यह सवाल गहरा है –…

    Read More सूतक (मृत्यु/जन्म) में नाम जप कर सकते हैं?Continue

  • रात को सोते समय नाम जप करते हुए
    मंत्र और प्रेरणा

    रात को सोते समय नाम जप करना चाहिए या नहीं?

    ByAbhishek K जून 4, 2026जुलाई 23, 2026

    ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि रात को सोते समय जप करना या तो गलत है, या कम असरदार है। सच्चाई बिल्कुल उलटी है। स्वामी शिवानंद ने जप के लिए जो समय बताए हैं, उनमें से एक है – सोने से पहले। यह उन पाँच संधि-कालों में से है जब जप का असर सबसे गहरा होता…

    Read More रात को सोते समय नाम जप करना चाहिए या नहीं?Continue

  • बिना स्नान किए नाम जप के नियम पर विचार
    मंत्र और प्रेरणा

    क्या बिना नहाए नाम जप कर सकते हैं?

    ByAbhishek K जून 4, 2026जुलाई 23, 2026

    हाँ, बिना नहाए भी नाम जप किया जा सकता है। स्नान औपचारिक पूजा और माला-जप के लिए अनुशंसित है, पर भगवान के नाम के मानसिक स्मरण के लिए अनिवार्य नहीं। बीमारी, यात्रा, देखभाल या व्यस्त सुबह में मन ही मन नाम लेना सदा उचित है। असली शुद्धता मन की होती है, और नाम स्वयं पवित्र…

    Read More क्या बिना नहाए नाम जप कर सकते हैं?Continue

  • मासिक धर्म के दिनों में मन ही मन नाम जप करती स्त्री
    मंत्र और प्रेरणा

    क्या पीरियड्स में नाम जप कर सकते हैं? असली सच्चाई

    ByAbhishek K जून 4, 2026जुलाई 23, 2026

    हाँ, पीरियड्स में नाम जप पूरी तरह किया जा सकता है। भगवान के नाम का मानसिक या वाणी से स्मरण किसी भी अवस्था में वर्जित नहीं है; परंपरा भी कहती है कि नाम शुद्ध या अशुद्ध, हर स्थिति में लिया जा सकता है। केवल औपचारिक पूजा और माला-स्पर्श पर परंपरागत रोक मानी जाती है। मन…

    Read More क्या पीरियड्स में नाम जप कर सकते हैं? असली सच्चाईContinue

  • 108 मनकों की जप माला से नाम जप
    मंत्र और प्रेरणा

    नाम जप 108 बार ही क्यों? वजह सिर्फ परंपरा नहीं, विज्ञान भी है

    ByAbhishek K जून 4, 2026जुलाई 2, 2026

    नाम जप कम से कम 108 बार यानी एक माला करने की परंपरा है। 108 को पूर्णता का अंक माना जाता है; परंपरा में इसे 12 राशियों और 9 ग्रहों (12 × 9 = 108) से जोड़ा जाता है। स्वामी शिवानंद प्रतिदिन 108 से 1080 बार जप की सलाह देते हैं। शुरुआत एक माला से…

    Read More नाम जप 108 बार ही क्यों? वजह सिर्फ परंपरा नहीं, विज्ञान भी हैContinue

  • जप के चार प्रकारों को दर्शाता चित्र
    मंत्र और प्रेरणा

    जप के 4 तरीके – एक सबसे शक्तिशाली है

    ByAbhishek K जून 4, 2026जून 27, 2026

    एक ही मंत्र – पर चार बिलकुल अलग तरीकों से। स्वामी शिवानंद (डिवाइन लाइफ सोसायटी) ने सदियों पुरानी साधना-परंपरा को जब लिखित रूप में सँजोया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम जप के प्रकार महज़ “जोर से” और “धीरे से” नहीं हैं। हर तरीके की अपनी गहराई है, अपना असर है – और एक आधुनिक…

    Read More जप के 4 तरीके – एक सबसे शक्तिशाली हैContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 19 20 21 22 Next PageNext

Devta App

  • Features
  • FAQ
  • Naam Jap Kya Hai
  • Mantra Jap Counter

श्री राम

  • Ram Naam Jap
  • Ram Naam Jap ke Fayde
  • Ram Naam Jap Kaise Kare
  • Ram Koti Jap

शिव

  • Shiv Naam Jap
  • Shiv Naam Jap ke Fayde
  • Om Namah Shivaya Jap
  • Mahashivratri Jap

राधा-कृष्ण

  • Radha Naam Jap
  • Radha Naam Jap ke Fayde
  • Radhe Radhe Jap
  • Krishna Naam Jap

अन्य देव

  • Hanuman Jap
  • Ganesh Mantra Jap
  • Lakshmi Mantra Jap
  • Saraswati Mantra Jap

ब्लॉग व अन्य

  • Blog
  • Blog (English)
  • YouTube
  • Privacy Policy
  • Delete Account

© 2026 Devta App. All rights reserved.

Facebook Instagram YouTube
  • होम
  • परिचय
  • गोपनीयता नीति