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कृष्ण के 108 नाम और उनके सुंदर अर्थ
कृष्ण के 108 नाम – जिन्हें श्री कृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली कहते हैं – यहाँ पूरे क्रम में, देवनागरी, transliteration और हिंदी अर्थ सहित दिए गए हैं। ये नाम भागवत, गीता और पुराणों में वर्णित कृष्ण के दिव्य गुणों, लीलाओं और स्वरूपों का सार हैं। नीचे एक ही जगह सम्पूर्ण, प्रामाणिक संग्रह है। प्रेमानंद महाराज जी…
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शिव चालीसा: संपूर्ण पाठ अर्थ सहित
यहाँ मिलेगा शिव चालीसा का संपूर्ण पाठ – उद्घाटन दोहा, 40 चौपाइयाँ और समापन दोहे, हर पंक्ति का सरल हिंदी अर्थ सहित। यह पारंपरिक भक्ति रचना लोक-भक्ति साहित्य की धरोहर है और सार्वजनिक क्षेत्र (public domain) में उपलब्ध है। पाठ को प्रामाणिक मुद्रित प्रतियों से मिलान कर लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि क्षेत्रीय…
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राधा रानी के पावन नाम – 28 और 108 नामावली अर्थ सहित
राधा रानी के नामों की परम्परा में दो मुख्य धाराएँ हैं – पहली: गर्ग संहिता और नारद पाञ्चरात्र से आए वे 28 पावन नाम जिन्हें प्रेमानंद महाराज जी ने करोड़ों भक्तों तक पहुँचाया; और दूसरी: ऊर्ध्वाम्नाय परम्परा की अष्टोत्तर शतनामावली जिसमें 108 नाम राधा रानी के विभिन्न रूपों, गुणों और लीलाओं को स्वर देते हैं।…