माला में 108 मनके ही क्यों? और वो एक मनका जिसे कभी लाँघा नहीं जाता
हाथ में माला, और एक-एक मनका फेरते हुए मंत्र का जाप – यह दृश्य हर भारतीय घर में जाना-पहचाना है। पर अगली बार ध्यान दीजिए: जब माला का एक चक्र पूरा होता है, तो जप करने वाला एक विशेष बड़े मनके पर पहुँचकर रुक जाता है, और उसे पार करने के बजाय माला को घुमाकर…