नाम जप 108 बार ही क्यों? वजह सिर्फ परंपरा नहीं, विज्ञान भी है
आपने भी देखा होगा – हर जप माला में ठीक 108 मनके होते हैं। न 100, न 110, बल्कि हमेशा 108। सदियों से संत यही संख्या बताते आए हैं, और आज एक आधुनिक अध्ययन में भी ठीक यही आँकड़ा सामने आया। आखिर इस एक संख्या में ऐसा क्या है? नाम जप कितनी बार करना चाहिए?…