ॐ जय जगदीश हरे: पूरी आरती, हर अंतरे का अर्थ
ॐ जय जगदीश हरे – भगवान विष्णु की स्तुति में पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा 1870 में रची गई यह आरती आज हिंदू धर्म की सबसे सार्वभौमिक आरती बन चुकी है – शिव मंदिर हो, राधा-कृष्ण का दरबार हो, दुर्गा पूजा हो या घर की सन्ध्या-आरती, हर पूजा का समापन इसी से होता है। नीचे संपूर्ण…