किसी मुसीबत में फँसा आदमी भीड़ में चिल्लाता है – “जय बजरंगबली!” किसी पहलवान के अखाड़े में दर्शक एक साथ कहते हैं – “जय बजरंगबली!” मंगलवार को मंदिर के बाहर लोग एक-दूसरे को देखकर बोलते हैं – “जय बजरंगबली!” यह तीन शब्द क्यों इतने सहज, इतने सर्वव्यापी हो गए? इसका उत्तर उन तीन शब्दों में…