अयोध्या का राज-दरबार। राम का राज्याभिषेक संपन्न हुआ है, उपहार बंट रहे हैं। सीता जी अपने गले से बहुमूल्य मोतियों का हार उतारकर हनुमान जी को देती हैं – ऐसा हार जिसकी चमक से सभा की आंखें चौंधिया जाएं। और अगले ही क्षण पूरी सभा स्तब्ध है: हनुमान जी एक-एक मोती दांतों से तोड़कर, आंख…