भारत के किसी गाँव में जाइए और किसी बुज़ुर्ग से पूछिए उनका जप क्या है – बहुत से लोग कहेंगे: “सीताराम”। बस दो शब्द। सुबह उठते ही, काम करते हुए, सोने से पहले – “सीताराम, सीताराम”। इस युगल नाम में कुछ ऐसा है जो हिंदी भाषी परिवारों की तीन-चार पीढ़ियों से एक अटूट भक्ति की…