सुखकर्ता दुखहर्ता: गणेश आरती पूरा पाठ, अर्थ और महत्व
यह पृष्ठ आपको सुखकर्ता दुखहर्ता गणेश आरती का पूरा पाठ देवनागरी में अर्थ सहित देता है – तीनों छंद और टेक, एक भी पंक्ति छोड़े बिना। यह आरती 17वीं सदी के मराठी संत समर्थ रामदास (1608-1681) की रचना है। यह मूलतः मराठी भाषा में है, पर पूरे भारत में हिंदी भक्तों द्वारा समान श्रद्धा से…