यह पृष्ठ गोस्वामी तुलसीदास रचित संकटमोचन हनुमानाष्टक के आठों पद और अंतिम दोहा – अर्थ सहित – प्रस्तुत करता है। इस अष्टक के हर पद में हनुमान जी के एक संकट-निवारण प्रसंग का वर्णन है, और हर पद की अंतिम पंक्ति एक ही है: “को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।” संकटमोचन…