तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में एक अद्भुत बात लिखी – भगवान राम ने तो एक अहल्या को तारा, पर राम के नाम ने करोड़ों बिगड़ी बुद्धियों को सुधार दिया। शायद इसीलिए राम भक्त गिनती में भी छोटा संकल्प नहीं लेते। कोई सवा लाख राम नाम का संकल्प लेता है, कोई राम नाम लेखन की पोथी…