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राधा रानी के पावन नाम – 28 और 108 नामावली अर्थ सहित
राधा रानी के नामों की परम्परा में दो मुख्य धाराएँ हैं – पहली: गर्ग संहिता और नारद पाञ्चरात्र से आए वे 28 पावन नाम जिन्हें प्रेमानंद महाराज जी ने करोड़ों भक्तों तक पहुँचाया; और दूसरी: ऊर्ध्वाम्नाय परम्परा की अष्टोत्तर शतनामावली जिसमें 108 नाम राधा रानी के विभिन्न रूपों, गुणों और लीलाओं को स्वर देते हैं।…
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राधा का नाम कृष्ण से पहले क्यों लिया जाता है?
ज़रा ध्यान दीजिए। हम कहते हैं राधा-कृष्ण, सीता-राम, राधे-श्याम, लक्ष्मी-नारायण, गौरी-शंकर। हर बार भक्त या शक्ति का नाम पहले आता है, और भगवान का बाद में। यह कोई भाषा की आदत नहीं है। अगर भगवान सबसे बड़े हैं, तो उनका नाम पहले क्यों नहीं? कोई “कृष्ण-राधा” या “राम-सीता” क्यों नहीं कहता? इस छोटे-से क्रम में…