एक हज़ार वर्षों की तपस्या को जब एक नाम में बाँधना हो, तो वह नाम होता है – रघुपति। राम के अनेक नाम हैं। रामचंद्र, राघव, दशरथनंदन, कोसलेश, सीताराम – हर नाम एक अलग भाव को जगाता है। लेकिन “रघुपति” में कुछ ऐसा है जो बाकी नामों से अलग है। यह केवल एक व्यक्ति का…