त्योहार और व्रत हरियाली तीज की रात पार्वती का जप: जो साधना शिव ने मानी ByAbhishek K अगस्त 6, 2026अगस्त 6, 2026 सावन का वन हरा था। आकाश घने बादलों से भरा था। और हिमालय की एक कन्या – हाड़-मांस की देह लेकर – उस ठंडी पथरीली धरती पर बैठी थी, आंखें बंद, ओठ हिलते हुए, बस एक ही नाम पर टिकी हुई – शिव। यह तपस्या वर्षों की नहीं, सहस्राब्दियों की थी। न भोजन, न जल,…