शिव तांडव स्तोत्र परंपरागत रूप से रावण द्वारा रचित माना जाता है – शिव के उस परम भक्त द्वारा जिसने महादेव की महिमा को 15 श्लोकों में अद्वितीय रूप से पिरोया। पंचचामर छंद में रचित यह स्तोत्र संस्कृत साहित्य की सबसे लयबद्ध और शक्तिशाली रचनाओं में से एक है। नीचे सभी 15 श्लोक हिंदी अर्थ…