भगवान मेरी नहीं सुनते – जब लगे कि प्रार्थना बेकार है
“मैं रोज़ पूजा करता हूँ, नाम जपता हूँ, फिर भी मेरी ज़िंदगी में कुछ नहीं बदलता। लगता है भगवान सुनते ही नहीं।” अगर यह बात आपके दिल से निकली है, तो रुकिए – यह सबसे पुरानी और सबसे सच्ची मानवीय पीड़ाओं में से एक है। और आप इसमें अकेले नहीं हैं। बड़े-बड़े भक्तों ने भी…