अकेलेपन में भगवान का नाम: मन का सच्चा साथी
घर में सब ठीक है। रोटी है, पानी है, छत है। मोबाइल पर बेटे का संदेश आया: “ठीक हो न, पापा?” आपने लिखा “हाँ, ठीक हूँ” – और मोबाइल रख दिया। पर वह जो भीतर एक सूनापन पसरा है, उसका क्या? यह अकेलापन किसी एक उम्र का नहीं। घर छोड़कर नए शहर आया युवा भी…