गायत्री मंत्र: सुबह-दोपहर-शाम 108 बार जपने का असली कारण
सूरज उगने से पहले जब आकाश में नारंगी रंग फैलने लगता है – और फिर दोपहर जब सूरज ठीक शीर्ष पर होता है – और शाम जब रोशनी धीरे-धीरे विदा लेती है: ये तीनों क्षण हिंदू परंपरा में “संधि समय” कहलाते हैं। दिन और रात का संधि-स्थल। और गायत्री मंत्र इन्हीं तीनों संधियों का मंत्र…