अस्पताल में भगवान को कैसे याद करें? जब दिल टूटा हो, नाम आता है
IV की नली हाथ में लगी है। कमरे में दवाइयों की गंध है। बाहर गलियारे में मशीनों की आवाज़ें आ रही हैं। और अंदर – बहुत अंदर – एक सवाल धीरे से उठता है: “क्या मैं यहाँ भगवान को याद कर सकता हूँ? क्या यह जगह उनके लायक है?” यह सवाल बहुत स्वाभाविक है। और…