कमज़ोरी और बीमारी में भगवान का नाम लेने से कोई नहीं रोक सकता
तीन दिन से बुखार है। उठने में तकलीफ है। नहाना-धोना तो छोड़ो, बिस्तर से उठकर बैठना भी मुश्किल है। और मन में एक सवाल बार-बार उठता है: “क्या मैं इस हाल में भगवान का नाम ले सकता हूँ? क्या बिना नहाए, इस कमज़ोर अवस्था में जप करना ठीक है?” हाँ। और शास्त्र इस “हाँ” को…