रात के दस बज रहे हैं। एक भक्त घर लौटता है – थका हुआ, परेशान, मन में न जाने कितनी उलझनें। वह सीधे कमरे के कोने में रखी श्याम बाबा की तस्वीर के सामने जाकर बैठ जाता है। माला नहीं, मंत्र-पुस्तक नहीं, औपचारिकता नहीं। बस दो शब्द निकलते हैं – “बाबा, बहुत थक गए हैं।”…