श्रीमद् भागवत में एक प्रसंग है – रात का समय, यमुना किनारे, कृष्ण की बाँसुरी की धुन उठती है। गोपियाँ सो रही हैं, घर में हैं, काम में हैं। लेकिन जैसे ही वह धुन कानों में पड़ती है, सब कुछ छोड़कर उठ आती हैं। पति रोकते हैं, घर-द्वार का ख्याल आता है – फिर भी…