अधिकतर विद्यार्थी अपने कमरे में सरस्वती माँ की तस्वीर लगाते हैं और हर परीक्षा से पहले एक बार मन ही मन प्रार्थना कर लेते हैं। लेकिन असली परंपरा कुछ और है – और कहीं अधिक गहरी भी। यह एक शांत, दैनिक अभ्यास है – मात्र कुछ मिनटों का – सुबह के उस क्षण में, जब…