हर महीने वही सवाल आता है – क्या मैं आज पूजा कर सकती हूँ? क्या आज मंदिर जाना ठीक है? नाम जप चल सकता है? तुलसी को छू सकती हूँ? व्रत जारी रखूँ या छोड़ूँ? यह गाइड इन सभी सवालों का एक ही जगह जवाब देने के लिए लिखी गई है। परंपरा क्या कहती है,…
एक घर में माँ कहती हैं – “तीन दिन पूजा नहीं।” दूसरे घर में दादी कहती हैं – “पाँच दिन से पहले रसोई में मत जाना।” और बेटी सोचती रहती है कि सच क्या है – 3 दिन या 5? यह भ्रम लगभग हर हिंदू घर में है। और इसका जवाब उतना सीधा नहीं जितना…
हर महीने वही पल आता है। घर के मंदिर के सामने पैर ठिठक जाते हैं। हाथ दीये की ओर बढ़ता है और फिर रुक जाता है। मन में एक ही सवाल – “इन दिनों पूजा करूँ या नहीं? कहीं कुछ गलत तो नहीं हो जाएगा?” करोड़ों स्त्रियाँ यह सवाल चुपचाप अपने भीतर लिए घूमती हैं,…