हर साल भाद्रपद की अमावस्या के आसपास 15 दिनों का वह पखवाड़ा आता है जब करोड़ों भारतीय उन आत्माओं को याद करते हैं जो इस दुनिया से जा चुकी हैं। श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान – ये सब बाहरी अनुष्ठान हैं। लेकिन इस पितृपक्ष में अपने पूर्वजों को देने वाली सबसे गहरी भेंट क्या है? वह है…