मंदिर बंद हो, पंडित न आ सके, या आप किसी छोटे शहर में अकेले हों – घर पर जन्माष्टमी की पूजा उतनी ही पावन है जितनी किसी बड़े मंदिर में। श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है: “पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति।” जो प्रेम से पत्ता, फूल, फल या जल अर्पित करे –…