वृंदावन की तंग गलियों में एक बार चले जाइए। सुबह की पहली रोशनी में जब फूलवाला अपनी टोकरी सजा रहा होता है, तो पास से गुजरने वाले साधु को वह “जय राधे” कहता है। साधु रुके बिना, बिना मुड़े, हाथ जोड़े जवाब देता है – “जय राधे।” थोड़ी देर में एक बच्चा दौड़ता हुआ आता…