अजपा जप: जब नाम अपने आप चलने लगे
कभी आधी रात नींद टूटे और होंठों पर नाम हो – जपने की कोशिश नहीं की थी, फिर भी नाम था। या दिनभर काम करते हुए मन के किसी कोने में राम, राम, राम चलता रहे। यह अनुभव जिन्हें हुआ है, वे जानते हैं कि यह सामान्य जप से बिल्कुल अलग है। इसे संत परंपरा…