“जगन्नाथ” – तीन अक्षरों का यह नाम एक संपूर्ण ब्रह्मांड-दर्शन है। “जगत” यानी यह सारा संसार, और “नाथ” यानी स्वामी। जो इस पूरे जगत का नाथ है, उसका नाम जपना क्या होगा? शायद इसीलिए पुरी की रथयात्रा में लाखों लोग रथ की रस्सी खींचते हुए “जय जगन्नाथ” का उद्घोष करते हैं – वे जानते हैं…