ज़्यादातर लोग शाम की आरती करके सो जाते हैं और समझते हैं – शिवरात्रि हो गई। लेकिन जिन्होंने परंपरा को ध्यान से पढ़ा है, वे जानते हैं: असली शिवरात्रि तो रात ढलने के बाद शुरू होती है। “शिव-रात्रि” का अर्थ ही है – शिव की रात। पूरी रात, चार प्रहरों में, चार बार अभिषेक और…