सुबह की पहली रोशनी में हरिद्वार से निकले हज़ारों कांवड़िये। नारंगी वस्त्र, कंधे पर काँवड़, पैरों में धूल – और हर क़दम के साथ एक ही आवाज़ : “बोल बम… बोल बम… बोल बम।” न थकान का एहसास, न रास्ते की परवाह। एक के बाद एक क़दम, और हर क़दम के साथ शिव का नाम।…