अधिकांश लोग “ॐ गं गणपतये नमः” याद से जपते हैं – ध्वनि कंठस्थ है, पर शब्दों का अर्थ मन में नहीं उतरा होता। और फिर भी, परंपरा यही कहती है: बिना अर्थ जाने भी यह जप गणेश तक पहुँचता है। लेकिन जब आप जानते हैं – जब “गणपतये” मन में “विघ्नों के स्वामी” बनकर गूँजता…