खाना खाकर या जूठे मुँह नाम जप कर सकते हैं? असली नियम क्या है
खाना खाने के बाद लाखों भक्त सोचते हैं – “मुँह जूठा है, अभी भगवान का नाम नहीं लेना चाहिए।” यह सोच स्वाभाविक लगती है, लेकिन इसमें एक महत्वपूर्ण गलतफहमी छिपी है। परंपरागत शुचिता का यह नियम नाम के लिए नहीं है – यह माला और औपचारिक पूजा-क्रिया के लिए है। यह एक फर्क समझ लेने…