कभी किसी भजन को गुनगुनाते हुए आपने “अच्युतम केशवम” सुना होगा – और मन में एक अजीब शांति उतर आई होगी। यह नाम नहीं, एक अनुभव है। “अच्युत, केशव, कृष्ण, दामोदर” – ये चार नाम नहीं हैं; ये एक-एक झलक है उस परमेश्वर के स्वरूप की, जो न कभी टूटते हैं, न कभी भक्त को…