रामकृष्ण परमहंस – दक्षिणेश्वर के वह महान संत जिनके शिष्य स्वामी विवेकानंद थे – एक बात कहते थे: “माँ काली मेरी माँ हैं। माँ से क्या डरना?” वे घंटों काली मंदिर में माँ को पुकारते रहते। रोते, हँसते, बच्चे की तरह जिद करते। उनके लिए काली का नाम डर का नाम नहीं था – माँ…