हर महीने, हर एकादशी के आस-पास, एक सवाल मन में आता है। या सोमवार के व्रत का दिन, या नवरात्रि के किसी दिन। “आज पीरियड्स शुरू हो गए – व्रत का क्या? रखूं या न रखूं?” इस सवाल का जवाब हर बार अनिश्चित-सा रहता है, क्योंकि किसी ने ठीक से कभी समझाया नहीं। इस लेख…